रविवार, 12 सितंबर 2010

क्षमा वीरस्य भूषणं .

क्षमा प्रार्थी
ग्राम चौपाल में तकनीकी सुधार की वजह से आप नहीं पहुँच पा रहें है.असुविधा के खेद प्रकट करता हूँ .आपसे क्षमा प्रार्थी हूँ .वैसे भी आज पर्युषण पर्व का शुभारम्भ हुआ है ,इस नाते भी पिछले 365 दिनों में जाने-अनजाने में हुई किसी भूल या गलती से यदि आपकी भावना को ठेस पंहुचीं हो तो कृपा-पूर्वक क्षमा करने का कष्ट करेंगें .आभार .
क्षमा वीरस्य भूषणं

4 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय अशोक जी, आज आपका ब्लॉग खुल नहीं रहा था तो मै परेशान हो रहा था की क्या बात है ? कहीं मेरे कम्पूटर में ही तो कोई समस्या नहीं आ गई ! बड़े मुस्किल से आपके फोटो ब्लॉग पर आया तब पता चला की मामला तकनीकी है ! अपने को ज्यादा जानकारी है नहीं इसी की परेसानी है !

    उत्तर देंहटाएं
  2. पांच लाख से भी जियादा लोग फायदा उठा चुके हैं
    प्यारे मालिक के ये दो नाम हैं जो कोई भी इनको सच्चे दिल से 100 बार पढेगा।
    मालिक उसको हर परेशानी से छुटकारा देगा और अपना सच्चा रास्ता
    दिखा कर रहेगा। वो दो नाम यह हैं।
    या हादी
    (ऐ सच्चा रास्ता दिखाने वाले)

    या रहीम
    (ऐ हर परेशानी में दया करने वाले)

    आइये हमारे ब्लॉग पर और पढ़िए एक छोटी सी पुस्तक
    {आप की अमानत आपकी सेवा में}
    इस पुस्तक को पढ़ कर
    पांच लाख से भी जियादा लोग
    फायदा उठा चुके हैं ब्लॉग का पता है aapkiamanat.blogspotcom

    उत्तर देंहटाएं
  3. paryawaran kee raksha kisi bhi roop men ki jaye prakriti kee seva hai .

    उत्तर देंहटाएं